बहन के विवाह में दहेज को लेकर कुछ समस्याएं उत्पन्न हो गई है। संभावित प्रतिक्रिया का जिक्र करते हुए अपने मित्र को एक पत्र लिखें।

Bahan ki shadi me dahej pratha ke khilaf Application Letter In Hindi


आप मान लीजिए कि आपकी बड़ी बहन के विवाह में दहेज को लेकर कुछ समस्याएं उत्पन्न हो गई है। इस समस्या को लेकर अपने मन में होने वाले संभावित प्रतिक्रिया का जिक्र करते हुए अपने मित्र को एक पत्र लिखें।


विकास नगर, रोड संख्या .05
पटना - 8000xx
20 सितंबर, 2020

मेरी प्रिय मित्र शुभम,
मंगल कामना।

तुम्हारा पत्र मुझे कुछ दिन पहले ही मिला था। घरेलू समस्या के कारण तुम्हारे पत्र का उत्तर देने में विलंब हो गई। मित्र, क्षमा करना। बात यह थी कि मेरी बड़ी बहन का विवाह पिताजी ने एक बैंक मैनेजर लड़के से तय किया। विवाह के आरंभिक वार्तालाप के क्रम में लड़के के घर वालों ने कहा कि हम दहेज प्रथा के खिलाफ हैं, इसलिए हम बिना दहेज के विवाह करने के लिए तैयार है। आप अपनी स्वेच्छा से लड़के को उपहार स्वरूप जो भी देना चाहे, हमें स्वीकार है। लड़के वालों के इस विचार से हम सभी अत्यधि प्रसन्न थे। मेरे पिताजी बड़े उत्साह से विवाह की तैयारियों में जुट गए थे, लेकिन विवाह संपन्न होने से एक सप्ताह पहले लड़के वालों ने पिताजी को मिलने के लिए बुलाया। जब पिताजी ने उनसे मिलने गए तो उन्होंने बताया कि यदि वह ₹5,00,000 नगद, एक मोटरसाइकिल और आभूषण दे तभी हम आपके घर बारात लेकर जाएंगे। लड़कों वालों की तरफ से ऐसी मांग सुनकर मेरे पिताजी चकित हो गए, लेकिन लड़की के भविष्य को देखते हुए तथा सोच समझ कर उन्होंने उनकी अनुचित मांग स्वीकार कर लिया। दहेज की इस भारी-भरकम रकम से हमारा पूरा परिवार बेचैन है। मित्र, इस दहेज रूपी दानव ने ना जाने कितने घरों को बर्बाद कर दिया है। 

दहेज दानव ने विवाह जैसे पवित्र संस्कार को अपवित्र कर दिया है। ये बात तो सच है कि लड़के का भविष्य उज्जवल है। लड़का दिखने में संस्कारी तथा आकर्षक व्यक्तित्व का है। लेकिन मेरी बहन भी लड़के से कम नहीं है। मेरी बहन बहुत सुंदर है, सुशील, गृह कार्य में दक्ष, प्रथम श्रेणी से M.Sc उत्तीर्ण और एक निजी कंपनी में मैनेजर है। मित्र, तुम तो इस बात को अच्छी तरह से जानते हो कि मेरे पिताजी सरकारी सेवा से मुक्त हो चुके हैं। अर्थात वह किस प्रकार लड़केवालों की इस भारी-भरकम मांग को पूरा कर सकेंगे, इस बात से हम सभी अत्यंत चिंतित और परेशान हैं।
                     
अब आगे क्या लिखूं! इस संबंध में तुम अपना विचार अवश्य लिखना। पूजनीय चाचा जी और चाची जी को मेरा सादर प्रणाम कहना।


तुम्हारा मित्र
अंकित
{ पता }
विकास नगर, रोड संख्या .09
पटना - 8000xxxx (बिहार)


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