विद्यालय में साइकिल वितरण समारोह की चर्चा करते हुए अपने दादाजी को एक पत्र - Cycle Vitran Samaroh Per Patra/

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विद्यालय में हुए साइकिल वितरण समारोह की चर्चा करते हुए अपने दादाजी को एक पत्र लिखें।


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पूजनीय दादाजी
सादर प्रणाम

काफी दिनों बाद आपका पत्र मिला। मैं यहां सकुशल हूं, आशा करता हूं कि आप भी सकुशल होंगे। दादा जी, मैं आपको बताना चाहता हूं कि पिछले सप्ताह मेरे विद्यालय में साइकिल वितरण समारोह का आयोजन किया गया था। इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिक्षा मंत्री जी को आमंत्रित किया गया था। 

विद्यालय के नवम् और दसवीं कक्षा के छात्र एवं छात्राओं को मुख्य अतिथि के द्वारा साइकिल वितरित किया गया। इस साइकिल वितरण समारोह में विद्यालय में उपस्थित सभी छात्र एवं छात्राएं काफी खुश नजर आ रहे थे। दादाजी, हमारे विद्यालय में कई सारे ऐसे छात्र एवं छात्राएं हैं, जो काफी दूर से विद्यालय में पढ़ने के लिए आते हैं। इसीलिए उन छात्रों में अन्य छात्रों की तुलना में काफी ज्यादा प्रसन्नता नजर आ रही थी। साइकिल प्राप्त कर मैं भी अत्यधिक प्रसन्न हुआ। समारोह के अंत में माननीय शिक्षा मंत्री जी ने हम सभी छात्र-छात्राओं को प्रेरणात्मक भाषण के द्वारा मन लगाकर पढ़ने के लिए प्रेरित किया। दादाजी अब मैं पत्रांत करता हूं।

दादा जी के चरण कमलों को मेरा प्रणाम।

आपका पौत्र।
राकेश कुमार

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