अविस्मरणीय घटना पर निबंध (300 शब्द) । जीवन में कभी ना भूल पाने वाली घटना पर निबंध लिखें।

दोस्तों! हम सभी के जीवन में कई बार कुछ ऐसी घटनाएं घट जाती है। जो हमारे जीवन पर गहरा प्रभाव डालती हो, जिसे हम भूल कर भी भूलना चाहे तो नहीं भुला पाते हैं। ऐसी ही घटनाएं जीवन भर याद रह जाती है, तो ऐसी घटनाएं अविस्मरणीय घटनाएं कहलाती हैं। 

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इन्हीं अविस्मरणीय घटनाओं पर विद्यालयों में विद्यार्थियों से निबंध लिखने को कहा जाता है। इसलिए हमने अविस्मरणीय घटना पर एक संक्षिप्त निबंध लिखने का प्रयास किया है जो बच्चों के लिए काफी सहायक साबित हो सकती है।

निबंध : अविस्मरणीय घटना


जीवन में कुछ घटनाएं ऐसी होती है जो स्मृति पटल पर ऐसी अंकित हो जाती है कि जीवन भर याद रहती है। इन्हें ही अविस्मरणीय घटनाएं कहा जाता है। इन घटनाओं का प्रभाव मन पर इस प्रकार पड़ता है कि व्यक्ति को आजीवन याद रहती है। ऐसी ही एक अविस्मरणीय घटना मेरे जीवन में हुई। जब मैं अपने चाचा जी के घर कुछ दिनों के लिए नेपाल (काठमांडू) गया था। मेरे नेपाल पहुंचने के अगले ही दिन नेपाल में भयावह भूकंप आया। भूकंप के बाद का दृश्य देखकर मेरे होश उड़ गए। अधिकतर इलाके भूकंप की इस त्रासदी से तहस-नहस हो गए थे। इस भीषण त्रासदी से काठमांडू के अधिकतर इलाकों में जो भयावह तस्वीर सामने आई उनसे उबरने में बहुत समय लगा गए।



नेपाल में भूकंप आने से पहले रात्रि तक जनजीवन सामान्य रूप से चल रहा था। किसी ने सोने से पूर्व सोचा तक नहीं था, कि अगली सुबह कोई विनाशकारी दृश्य उनके आंखों के सामने होगा। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 7.8 मापी गई। अतः पूरे नेपाल पर इसका प्रभाव देखने को मिला। आवासीय इमारतों के गिरने से जो भयावह भयंकर विनाश हुआ उससे सभी जगह हाहाकार मच गया और लोग अपनी जान बचाने के लिए मैदानों की ओर भागने लगे थे। इस हादसे में बच्चे, बूढ़े, युवा, महिला एवं पुरुष हजारों की संख्या में मारे गए।

इस भूकंप से मुझे और मेरे पूरे परिवार को कोई हानि नहीं उठानी पड़ी तथा हम सुरक्षित थे, क्योंकि हम एक भूकंप रोधी इमारत में थे। परंतु आसपास का दृश्य ह्रदय विदारक था। जिसे देखकर हम सभी सहम गए थे। भूकंप ने जनहानि के साथ-साथ भारी संख्या में पशु एवं पक्षियों की मृत्यु भी अधिक संख्या में हुए तथा संपत्ति का भी भारी हानि हुई। सड़कें, बिजली, पानी आदि सभी सुविधाएं तहस-नहस हो गई जिसके परिणाम स्वरूप जीवन ठप पड़ गया। यातायात एवं व्यावसायिक गतिविधियां भी ठप गई। लोगों में भय और असुरक्षा का ऐसा वातावरण छा गया था जिससे लोग काठमांडू से नेपाल के अन्य क्षेत्रों में पलायन करने लगे।

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आपदा प्रबंधन टीम ने यदि प्रभावित लोगों की भरपूर सहायता ना की होती, तो ना जाने उनका क्या होता आपदा प्रबंधन टीम ने हजारों लोगों की जान बचाई। जीवन सुचारु रुप से चल पड़े इसलिए विदेशों से भी भरपूर सहायता सामग्री प्रदान की गई थी। लेकिन लोग इतने भयभीत और दुखी हो गए थे कि उन्हें संभाल पाना मुश्किल होता जा रहा था। भले ही भूकंप की त्रासदी समाप्त हो गई, किंतु यह घटना मेरे जीवन पर ऐसा प्रभाव डाल गई। जिसे मैं जीवन भर नहीं भूल सकूंगा।

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